उज्जैन। लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को उज्जैन नगर निगम के झोन क्रमांक 5 में पदस्थ सहायक संपत्ति कर अधिकारी को 2000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फरियादी से नामांतरण की नकल निकालने के एवज में 2000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी जिसकी शिकायत पर लोकायुक्त ने उन्हें ट्रेप किया है। आरोपी 30 अप्रेल को रिटायर्ड होने वाले था।
उज्जैन नगर निगम के झोन क्रमांक 5 में दिनांक 02 मार्च को करीब 4.30 बजे आवेदक आसिफ हुसैन का इशारा मिलते ही लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी सहायक सम्पत्ति अधिकारी को धर दबोचा। एडवोकेट आसिफ हुसैन नामांतरण की प्रतिलिपि के लिए दो माह से निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। संपत्तिकर अधिकारी रमेशचंद रघुवंशी ने आवेदक हुसैन से प्रतिलिपि के एवज में 2000 रुपए की मांग की, जिसके बाद आवेदक ने रिश्वत की मांग की सूचना लोकायुक्त उज्जैन को कर दी। जिस पर एक ट्रेप प्लान तैयार कर गुरुवार को आरोपी रघुवंशी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल आसिफ हुसैन ने सूचना के अधिकार के अंतर्गत नामांतरण की जानकारी मांगी थी। जिसकी शिकायत 2 दिन पहले एडवोकेट हुसैन ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक को की थी। लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि 2012 में भी आरोपी पर लोकायुक्त का प्रकरण दर्ज हुआ था।