नीमच। कलेक्टर मयंक अग्रवाल व्दारा संपूर्ण जिला नीमच में चारा भूसा की पूर्ति बनाए रखने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत किसी भी व्यक्ति या संस्थान द्वारा पशु चारा (आहार) घांस भूसा, कडवी (ज्वार, मक्का के उठल) आदि नीमच जिले के बाहर निर्यात करना प्रतिबंधित रहेगा।भूसा तथा चारे का युक्ति संगत मूल्य से अधिक मूल्य पर किसी भी व्यक्ति द्वारा क्रय विक्रय करना एवं चारा, भूसा का कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने के लिए अनावश्यक रूप से संग्रहणकरना प्रतिबंधित रहेगा। यदि जिले से बाहर निर्यात की आवश्यकता है तो संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उपखण्ड से अनुमति लिया जाना आवश्यक होगा। अनुविभागीय अधिकारी स्थानीयपरिस्थिति को देखकर निर्णय लेगें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी। उक्त आदेश 6 मार्च 2023 से आगामी दो माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा।
उल्लैखनीय है कि नीमच जिले में वर्तमान में रबी फसल तैयार होने से कटाई का कार्य प्रारंभ हो गया है। फसल कटाई उपरांत प्राप्त चारे, भूसे की पशुधन के लिए उपलब्धता बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर मध्य प्रदेश राज्य के जिलों को छोड़कर अन्य राज्यों के जिलों में निर्यात तथा उद्योगों के ब्रायलरों एवं ईट भटटों में पशु चारे भूसे का ईंधन के रूप में उपयोग तथा नीमच जिला राजस्थान राज्य का सीमावर्ती जिला होने के कारण जिले की सीमा से बाहर अन्य राज्यों में निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक हो गया है।