नीमच। प्रदेश में बेमौसम हो रही बारिश का दौर फिलहाल अब थम गया है। लेकिन मौसम विभाग से जारी सूचना ने एक बार फिर किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के इस अलर्ट के बाद किसानों की परेशानी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तेज आंधी के साथ प्रदेश के कई जिलों में ओले गिरने व बारिश होने की संभावना जताई है।
मध्यप्रदेश में बेमौसम हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई। तेज आंधी चली। इसकी वजह से प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में गेहूं-चने और सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। वर्तमान में 80 प्रतिशत से ज्यादा फसलें खेतों में खड़ी हैं या फिर काटकर खलिहान में रखी है। इन पर फिर से संकट के बादल मंडराने वाले हैं।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो प्रदेश में एक बार फिर 15 मार्च से मौसम बदलेगा। कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होगी। इसका असर तीन से चार दिन तक बना रहेगा। यह स्थिति अरब सागर से आने वाली हवाओं के चलते पूरे प्रदेश में एक साथ बनेगी। बारिश के साथ ओले गिरेंगे। इसका असर राजस्थान के भी कई जिलों में दिखेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 15 मार्च से पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का सिस्टम एक्टिव होगा। अरब सागर से आने वाली हवाओं के चलते दक्षिण मध्यप्रदेश के इलाकों में बारिश होगी। इससे बैतूल, खरगोन, देवास, बुरहानपुर, बड़वानी के साथ रतलाम, मंदसौर, नीमच सहित एमपी से सटे राजस्थान के कई जिलों में बारिश की संभावना बनेगी। इसके बाद सिस्टम आगे बढ़ेगा और भोपाल, सीहोर, राजगढ़ आदि जिलों में तेज बारिश होगी। प्रदेश के कई हिस्सों में इसका सीधे तौर पर असर दिखेगा। यह सिस्टम 18 मार्च तक एक्टिव रहेगा।