आगर मालवा। अध्यक्ष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाजापुर के मार्गदर्शन में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति आगर के तत्वावधान में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप दुबे द्वारा मंगलवार को अपना घर वृद्धाश्रम आगर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
इस दौरान प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप दुबे द्वारा वृद्धाश्रम में उपस्थित वृद्धजनों की समस्या सुनी गई तथा वृद्धजनों को अपने हक एवं कानून व उनके विरुद्ध होने वाले अत्याचारों एवं दुर्व्यवहारों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अगर आपको आपके बेटा भरण पोषण नहीं करता है, तो उसके लिए कानून बना है, उसकी कार्यवाही हेतु आप एसडीएम को आवेदन देकर उचित कार्यवाही करवा सकते हैं। उन्होंने ने बताया कि इंसान अपनी किसी मजबूरी के कारण ही वृद्धाश्रम में रहता है “जये पर राखे राम ताहि पर रहिए“ वृद्धावस्था जीवन का एक आखिरी पड़ाव है, उसमें इंसान को ईश्वर के भजन कीर्तन कर हंसी खुशी रहना चाहिए। उन्होनें बुजूर्गजनों को स्वस्थ रहने के लिए योग करने हेतु भी कहा। वृद्धाश्रम संचालक मीना जयंत ने इस अवसर पर कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है, वृद्धजनों की सेवा करना हमारा सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने वृद्धाश्रम संचालन के बारे में जानकारी दी। इस दौरान प्रबंधक कनीराम यादव विधिक सहायता कर्मचारी राजेश वर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।