दूदरसी। स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा आयोजित शिविर में प्रावि के प्रांगण में बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए सीताराम जाजू शासकीय कन्या महाविद्यालय नीमच की प्राणीकी विभाग की प्राध्यापिका डाक्टर साधना सेवक ने कहा कि वर्तमान समय में प्रकृति में मौजूद एवं पर्यावरण में सहायक विभिन्न प्रकार की प्रजातियां विलुप्त होती जा रही है। वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण पशु-पक्षियों के आशियाने उजड़ते जा रहे हैं। स्वयं सेवक जन जागरुकता अभियान चलाएं और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करें तभी पर्यावरण संरक्षित रह सकता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर राजेंद्र सिंह सोलंकी ने विभिन्न प्रकार के प्राणायाम बताए, जिसमें गोमुखासन, सुर्य नमस्कार, मयूरासन, सिन्हासन के साथ ही रविशंकर की सोहम की जानकारी भी स्वयं सेवको को दी। बौध्दिक सत्र से पहले स्वयं सेवको ने मावि प्रांगण में सफाई व्यवस्था को मुकम्मल बनाने के साथ साथ कच्ची नाली का निर्माण भी किया। सह प्राध्यापक प्रो आस्था सैनी प्रो कंचन कन्नोजे प्रो कल्याण सिंह वसुनिया के मार्ग दर्शन में स्वयं सेवको ने सामुदायिक खेलों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी। सत्र को प्रो आस्था सैनी व प्रो कंचन कन्नोजे ने भी संबोधित किया। आज के इस सत्र में पायल जाटव छात्रा मुख्य अतिथि व निशांयराय अध्यक्ष बतौर मंचासीन थे। कार्यक्रम का संचालन छात्रा पायल राठौर ने किया और आभार प्रोफेसर आस्था सैनी ने व्यक्त किया।