मंदसौर। ईश्वर इतना निष्पक्ष और करूणावान है कि उसने इस पृथ्वी पर जितने भी व्यक्ति हैं उन सभी को एक विशेष गुण और प्रतिभा से नवाजा है। आवश्यकता है अपने आप में श्रद्धा और विश्वास करने की। ईच्छा शक्ति इतनी बलवती होती है कि वह साक्षात ईश्वर को छूकर आती है। अपने आप में विश्वास करना सबसे पुण्य का कार्य है। उक्त उदगार शहीद भगतसिंह शासकीय महाविद्यालय मल्हारगढ़ के विशेष सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में मुख्य अतिथि के रुप में प्रोफेसर डॉ संजय जोशी ने व्यक्त किए।
जोशी ने कहा कि सामान्य और अनुकूल परिस्थितियों में तो कोई भी कार्य कर लेता हैं युवा तो वो है जो प्रतिकूल और विपरीत परिस्थितियों में भी बिना घबराये शानदार कार्य करता है। विनम्रता, सज्जनता, शालीनता और प्रसन्नता एक प्रभावी और अच्छे व्यक्तित्व के वो आभूषण है जो सबको आकर्षित करते हैं। जो व्यक्ति समय का बेहतर उपयोग करता है वह डायमंड बन जाता है।
जोशी ने कहा कि युवाओं को अपने रोल मोडल वास्तविक जीवन के जो हीरों हैं जैसे एपीजे अब्दुल कलाम, विवेकानंद, अंबेडकर, भगतसिंह, गौतम बुद्ध, अब्दुल हमीद, अशफाक उल्ला, महाराणा प्रताप, शिवाजी, सुभाष चन्द्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई को बनाना चाहिए ना कि रील लाइफ के कलाकारों को।
प्रारंभ में मुख्य अतिथि का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अर्जुन सिंह सोलंकी तथा एनएसएस के प्रोग्राम ऑफिसर सुमित कुमार यादव ने किया। स्वागत भाषण प्राचार्य डॉ सोलंकी ने दिया तथा आभार अतिथि विद्वान डॉ सुबोध व्यास ने माना।