मंदसौर। माननीय विशेष न्यायधीश महोदय भ्र०नि०अधि० किशोर कुमार गेहलोत सा० मंदसौर द्वारा आरोपी प्रदीप कोल्हे उपयंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सीतामउ जिला मंदसौर को रिश्वत लेने का दोषी पाते हुए 4 वर्ष का सश्रम कारावास व 50 हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया ।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी दीपक जमरा द्वारा बताया गया मामला इस प्रकार है कि दिनांक 02.07.2016 को फरियादी बीरमसिंह तोमर पिता लालजी ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में शिकायत आवेदन इस आशय का प्रस्तुत किया कि मैने जनपद पंचायत सीतामउ के अंतर्गत ग्राम बेटीखेडी से सुल्तानिया तक सडक निर्माण कार्य का ठेका पुल पुलियाओं सहित अनुबंध क. - 20 / 2015-16 के माध्यम से 51.22 लाख रूपये का लिया था। पी.के. कोल्हे उपयंत्री मेरी साईट पर आते रहते थे और उन्होने मुझसे कहा था कि तुम्हारा बिल स्वीकृत होने के बाद मुझे 2 लाख रूपये देने होंगे। इसी शर्त पर उन्होने मेरा 14,13,107 /- रूपये की राशि का बिल स्वीकृत करवाया था, जिसका भुगतान मुझे होने के पश्चात पी.के. कोल्हे उपयंत्री ने मुझसे कहा था कि तुम्हारे बिल का भुगतान मैंने करवा दिया है। इसलिए मुझे 2 लाख रूपये दे दो, इसमें से मुझे कुछ रूपये एसडीओ, उपसंभाग सीतामउ को भी देना है और उनका कमीशन भी मुझे ही दे दो, मैं उनको दे दूंगा। साथ ही आगे तुम्हे किसी काम में परेशानी नही आने दूंगा।
उन्होनें दिनांक 04.07.2016 को 2 लाख रूपये में से 1 लाख रूपये लेकर बुलाया और कहा मुझे फोन लगा देना तो मैं बता दूंगा कि रूपये लेकर कहां आना है। फरियादी 50 हजार रूपये लेकर आरोपी प्रदीप कोल्हे के निवास सीतामउ पंहुचा जहां फरियादी ने आरोपी प्रदीप कोल्हे को रिश्वत की राशि 50 हजार रूपये दिये जिसे आरोपी ने गिनकर पंलग पर बिछी बेडशीट पर रख दिये। तत्पश्चात लोकायुक्त टीम ने आरोपी को पकड़ लिया और आरोपी के हाथ घुलाये गये जिससे पानी का रंग गुलाबी हो गया। मौके की संपूर्ण कार्यवाही पश्चात आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया प्रकरण में संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण में अभियोजन का सफल संचालन उप संचालक अभियोजन एसके जैन द्वारा किया गया।