नीमच। नगर पालिका नीमच में हुए पाइप खरीद घोटाले में आज विद्वान न्यायाधीश एडीजे सोनल चौरसिया ने आरोपियों को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई। ठेकेदार राकेश जैन पर 24000 का जुर्माना किया गया।
वहीं नगरपालिका कर्मचारी वीरपाल सिंह भदोरिया, कमलेश मीणा, मांगीलाल सोलंकी, सुरेश सेन, अरविंद व्यास, रफीक पठान और विजय सिंह जैन 34000 रूपए का अर्थदंड दिया गया। इस घोटाले में कुल 13 आरोपी बनाए गए थे। जिसमें 5 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। आरोपियों पर धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13,1,2 और 6 में प्रकरण दर्ज किया गया था। विद्वान न्यायाधीश ने सभी पक्षों की सुनवाई करते हुए आरोपियों को 10 मई को दोषी करार दिया गया था।
बताते चलें कि नीमच में वर्ष 2008 में पेयजल संकट के दौरान शहर में जगह-जगह नलकूप खनन करवाए गए थे। नलकूप खनन में उपयोग में लाए जाने वाले 245 मीटर के 200 एमएम पाइप की खरीद में घोटाला हुआ था। जिसे लेकर गुरमीत सिंह वधवा द्वारा शासन और प्रशासन को शिकायत कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु मांग की गई थी। जांच में कलेक्टर के आदेश पर परियोजना अधिकारी एस कुमार डोडा द्वारा प्रतिवेदन दिया गया था। जिसे पुलिस को भेजा गया था और जिस पर कैंट पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। प्रकरण करीब 13 वर्ष कोर्ट में चला और 40 से अधिक गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।। मामले की पैरवी शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक चंचल बाहेती और इमरान खान ने की।