मंदसौर। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला मन्दसौर द्वारा बताया गया कि जिले में यूरिया उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिले में खरीफ मौसम में लगभग 3.475 लाख हेक्टेयर में फसलों की बोनी हो चुकी है। खरीफ फसलों की उर्वरक आवश्यकता की पूर्ति हेतु सहकारी एवं निजी क्षेत्र में वर्तमान में 5140 मेट्रिक टन यूरिया, 6188 मेट्रिक टन डीएपी, 1039 मेट्रिक टन, एमओपी, 9110 मेट्रिक टन एसएसपी तथा 7942 मेट्रिक टन एनपीके का भंडारण है।
लगातार कृषकों की यूरिया की मांग को देखते हुए सड़क तथा रेल मार्ग से लगातार यूरिया की आपूर्ति की जा रही है। अधिकांश सहकारी केन्द्रों पर यूरिया पर्याप्त उपलब्ध है, परंतु जो कृषक वर्तमान में सहकारी समितियों द्वारा कालातीत अथवा कृषक समिति के सदस्य नहीं है उनको उर्वरक की उपलब्धता हेतु जिले में नगद विक्रय केन्द्र खोले गये है। जहां मार्कफेड मन्दसौर में 249 मेट्रिक टन, मार्कफेड शामगढ़ में 373 मेट्रिक टन, मार्कफेड भानपुरा में 149 मेट्रिक टन, मार्केटिंग सोसायटी पिपलिया मण्डी में 14 मेट्रिक टन, मार्केटिंग सोसायटी सीतामउ में 20 मेट्रिक टन, मार्केटिंग सोसायटी मन्दसौर में 9 मेट्रिक टन तथा एमपी एग्रो मन्दसौर में 38 मेट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। अतः उक्त नगद विक्रय केन्द्रों के माध्यम से यूरिया की आपूर्ति कर सकते है।