मंदसौर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को नूतन स्टेडियम में जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रही। कार्यक्रम में सांसद सुधीर गुप्ता, कलेक्टर अदिति गर्ग सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान कोलकाता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सुना। आयोजन में राष्ट्रपति एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के योग कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन, वन मंडल अधिकारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
जैन संत ने कराया योगाभ्यास-
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित जैन संत प्रणमय सागर महाराज ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। योगाभ्यास के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कलेक्टर अदिति गर्ग ने नागरिकों से योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की कुंजी है।
योग भारत की अमूल्य धरोहर : सांसद
सांसद सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी योग परंपरा आज पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है। उन्होंने कहा कि ऋग्वेद सहित अनेक प्राचीन ग्रंथों में योग का उल्लेख मिलता है तथा महर्षि पतंजलि ने इसे व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है और आज विश्वभर में करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मन, आत्मा और शरीर के बीच संतुलन एवं समन्वय स्थापित करने का सबसे प्रभावी माध्यम योग है। नियमित योगाभ्यास न केवल अनेक बीमारियों से बचाव करता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाता है।
सांसद ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम कर जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि "यदि भूमि स्वस्थ रहेगी तो समाज भी स्वस्थ रहेगा।"