नीमच। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शनिवार को जावद विकासखंड की मोरवन पंचायत एवं मनासा विकासखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मोरवन में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा एवं मनासा में विधायक अनिरुद्ध माधव मारू के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों ने अपने अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञों ने किसानों को रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। विधायकों ने कहा कि प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ खेती की लागत कम कर किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है।
उन्होंने किसानों से शुरुआत में खेत के छोटे हिस्से में प्राकृतिक खेती का प्रयोग कर धीरे-धीरे पूरे खेत में इसे अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में कृषि, आत्मा एवं उद्यानिकी विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।