मुरैना। आज पूरे देश के साथ मुरैना में भी 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के जीवाजीगंज स्थित टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने सहभागिता करते हुए योगाभ्यास किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह जीवाजीगंज स्थित टाउन हॉल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन के साथ हुआ। कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और शहरवासी इस आयोजन में शामिल हुए।
योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएं कीं। कार्यक्रम में लोगों को नियमित योग के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और दुनिया के अनेक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। योग भारतीय संस्कृति और परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखाती है।
टाउन हॉल परिसर में सुबह से ही उत्साह का माहौल देखने को मिला। छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सभी ने एक साथ योग कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित योग करने का संकल्प लिया।
जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम की व्यापक तैयारियां की गई थीं। प्रतिभागियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं, जिससे योग शिविर सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका। कार्यक्रम के दौरान लोगों में योग के प्रति जागरूकता और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के संदेश के साथ मुरैना में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि योग अब केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप ले चुका है।