चित्तौड़गढ़। जिला कारागृह चित्तौड़गढ़ में बंदियों द्वारा जेल परिसर के भीतर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि प्रतिबंधित मोबाइल फोन जेल के अंदर किसके माध्यम से पहुंचे और वीडियो सोशल मीडिया पर किसने वायरल किए। साथ ही जेल स्टाफ की संभावित भूमिका की भी जांच जारी है।
मोबाइल बरामद होने के बाद खुला मामला-
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 24 जुलाई 2026 को जिला कारागृह के कारापाल लोक उज्जवल सिंह राठौड़ की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि जेल में निरुद्ध बंदियों द्वारा बनाए गए दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बाद 23 जुलाई को जेल परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पूछताछ के दौरान विचाराधीन बंदी मोहित पुत्र दलबीर सिंह की निशानदेही पर ए-वार्ड स्थित स्टोर रूम से पन्नी में लपेटे हुए एक एंड्रॉयड मोबाइल और एक कीपैड मोबाइल बरामद किए गए।
मोबाइल पहुंचाने वालों और वायरल करने वालों की तलाश जारी-
पुलिस ने राजस्थान कारागार अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल फोन जेल तक किसने पहुंचाए, वीडियो किसने रिकॉर्ड किए और सोशल मीडिया पर किसके माध्यम से वायरल हुए। मामले में जेल में पदस्थ कर्मचारियों की संभावित आपराधिक भूमिका की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार-
पुलिस ने इस मामले में हरियाणा के रोहतक निवासी मोहित दलबीर सिंह सहित चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों के कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।