चित्तौड़गढ़। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ शहर में प्रस्तावित 31.01 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को लेकर बुधवार को जिला परिषद के डीआरडीए सभागार में श्आरयूआईडीपी संवादश् कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, प्रबुद्धजनों, महिला प्रतिनिधियों, मीडिया और अन्य हितधारकों से परियोजनाओं पर सुझाव एवं फीडबैक लिए गए।
मुख्य अतिथि जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि विकास कार्य इस प्रकार किए जाएं कि आमजन को न्यूनतम असुविधा हो। उन्होंने सीवरेज परियोजनाओं के दौरान बेहतर समन्वय और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में आरयूआईडीपी अधिकारियों ने बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक के वित्तीय सहयोग से 17.31 करोड़ रुपये की लागत से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित जल के पुनः उपयोग से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा 5.71 करोड़ रुपये से बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज कार्य तथा करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी), विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास से संबंधित परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता रामेश्वर जाट ने परियोजनाओं का तकनीकी प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों और तय समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएंगे। संवाद के दौरान प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें परियोजना में शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम में आरयूआईडीपी द्वारा विभिन्न शहरों में किए गए विकास कार्यों पर आधारित एक वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया। इसके बाद आयोजित खुले संवाद सत्र में प्रतिभागियों ने सीवरेज, ड्रेनेज, शोधित जल के पुनः उपयोग, विरासत संरक्षण एवं अन्य प्रस्तावित कार्यों पर सुझाव दिए, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया। कार्यक्रम में सभी हितधारकों ने जनसहभागिता और बेहतर समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों को सफल बनाने पर बल दिया।