देवास। गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन मीठा तालाब, देवास में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों की व्यापक सहभागिता रही।
कार्यक्रम में हाटपीपलिया विधायक मनोज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष लीला अटारिया, महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही कलेक्टर ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत एवं नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में मंत्री सिलावट ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और जल की एक-एक बूंद का संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5 हजार से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिससे भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होगी। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर निर्मित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले छोटे-बड़े सभी अतिक्रमणों को हटाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही केन-बेतवा लिंक, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक एवं तापी रिचार्ज जैसी परियोजनाओं से सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता में बड़ा सुधार होगा।
मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह अभियान पिछले तीन वर्षों से लगातार चलाया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने इसे जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया और कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने की दिशा में प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। सभी ने पानी के विवेकपूर्ण उपयोग, हर बूंद के संचयन और “कैच द रेन” अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।