चित्तौड़गढ़। बीमित व्यक्ति के करंट से मृत्यु पर जिला स्थाई लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा, सदस्य प्रदीप काबरा ने बीमा कंपनी कोटक महिंद्रा के खिलाफ 15 लाख का अवार्ड पारित किया। यह राशि बीमित की बेटी को दो माह में चुकाने का आदेश दिया गया।
प्रकरण के अनुसार राशमी निवासी अंजना पूर्बिया ने अधिवक्तागण जसवंत सिंह राठौड़, प्रेम सिंह पंवार के जरिए एक परिवाद पेश किया जिसमें बताया कि 6 जुलाई 2022 को उसके पिता लालू राम सुबह अपने घर से रोड की ओर जा रहे थे कि घर के बाहर बिजली के पोल में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गए। बेहोशी की हालत में आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। लालू राम ने अपने जीवन काल में कोटक ग्रुप एक्सीडेंट प्रोटेक्ट के अंतर्गत 15 लाख रुपए की पॉलिसी ले रखी थी। प्रार्थिया द्वारा कंपनी से क्लेम चाहने पर आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया।
अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद परिवादिया के अधिवक्तागणों के तर्कों से सहमत होते हुए दो माह के भीतर मृतक की पुत्री अंजना पूर्बिया को 15 लाख रुपए बीमा राशि मय ब्याज के भुगतान करने का आदेश सुनाया।