बडवानी। हिंदी हमारी मातृभाषा है। यह समृद्ध और वैज्ञानिक भाषा है। हिंदी को जैसा बोलते हैं, वैसा ही लिखते हैं और जैसा लिखते हैं, वैसा ही बोलते हैं। हिंदी को सीखना और व्यवहार करना दोनों ही सरल है। हिंदी हमारी मातृभाषा है। यह हमें अपनी माँ की तरह ही प्रिय है। जैसे हमें माँ के सान्निध्य में अपनेपन की अनुभूति होती हे, वैसे ही हिंदी बोलने में आत्मीयता की अनुभूति होती है। आज हिंदी दिवस है। सभी को बधाई। हम संकल्पित हों कि अपने हिंदी भाषा के ज्ञान को शुद्ध और समृद्ध बनायेंगे। सरलता और सहजता से सम्प्रेषित होने वाली भाषा ही सबसे महत्वपूर्ण होती है। ये बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी के प्राचार्य डॉ. दिनेश वर्मा ने हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ करते हुए आज हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों से कहीं। इस अवसर पर हिंदी के प्रो. डॉ. आर. एस. मुजाल्दा उपस्थित थे। कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया और वर्षा मुजाल्दे ने बताया कि 14 से 28 सितम्बर तक कॅरियर सेल के माध्यम से हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है। विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के द्वारा इसको हम सार्थक बनायेंगे। इन दो सप्ताहों में विद्यार्थियों के भाषाई ज्ञान का स्तर बढ़ाना ही हमारा उद्देश्य है। आयोजन में सहयोग उमेश किराड़, वर्षा मेहरा, पूनम कुशवाह, सुभाष चौहान, भियारी गुर्जर एवं डॉ. मधुसूदन चौबे ने दिया।