इंदौर। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (च्डडैल्) के तीसरे वार्षिक समारोह में हंगामा हो गया। अतिथि के रूप में आए मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सीताराम बाथम स्वागत नहीं होने से नाराज हो गए। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के सामने ही अधिकारियों से खूब झगड़ा किया और मंच से उतरकर बाहर चले गए। अधिकारी उन्हें मना कर लाए और माफी भी मांगी। बाद में वे बगैर भोजन किए लौट गए। कार्यक्रम में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. एल मुरुगन, मंत्री संजीव कुमार बलयान व मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला भी तब मंच पर उपस्थित थे।
इसके बाद पूरे मामले को लेकर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री तुलसी सिलावट ने मंच से सभी मंत्रियों और बाथम से माफी मांगी। कहा कि छोटा भाई अगर गलती करता है तो बड़े भाइयों को उसे हमेशा माफ कर देना चाहिए। भारतीय संस्कृति भी यही कहती है। कुछ देर हंगामे के बाद सभी ने सीताराम बाथम को शांत कराया। इसके बाद प्रोग्राम फिर शुरू हुआ है। इधर, केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने इस पूरे मामले पर कहा कि विवाद या हंगामे जैसी कोई स्थिति नहीं बनी थी। कुछ गलतफहमी हो गई थी।
सीताराम बाथम संघ प्रचारक रहे हैं इसके पूर्व में मत्स्य पालन बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे हैं। उनके समर्थकों के अनुसार वें ग्वालियर संभाग से विधानसभा टिकट की दौड़ में भी शामिल हैं। बताया गया कि आज कार्यक्रम में मंत्री तुलसी सिलावट ने सभी अतिथियों का बुके दे के स्वागत किया और उन्हें छोड़ दिया जिस बात से बाथम नाराज हो गए। बमुश्किल काफी देर तक अधिकारियों के समझने के बाद वो मंच पर आए कुछ देर बैठे और फिर बिना भोजन किए वहां से निकल गए। हालांकि मंत्री सिलावट ने इसके लिए मंच से ही उनसे माफी भी मांगी है।