इंदौर। जागरूकता और सावधानी से ही सायबर क्राइम पर नियंत्रण पाया जा सकता है। यह बात पुलिस उपायुक्त (अपराध) इंदौर निमिष अग्रवाल ने श्रीमती कमलाबेन रावजी भाई पटेल गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में आयोजित, इंदौर पुलिस के सायबर पाठशाला के कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थियों से कहीं।
क्षत्रिय कलमकार संघ मध्यप्रदेश के सौजन्य से गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में इंदौर पुलिस द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डीसीपी क्राइम इंदौर निमिष अग्रवाल ने सभी स्टूडेंट्स से कहा कि वर्तमान जीवन शैली के कारण हम ज्यादा से ज्यादा समय इस वर्चुअल दुनिया में बिता रहे हैं, इसलिए इन नए-नए सायबर अपराधों से बचने के लिए इसके संबंध में जानकारी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने सभी को सायबर टिप्स देते हुए कहा कि मोबाइल में कोई भी एप डाउनलोड करने से पहले, किसी भी वेबसाइट, सोशल मीडिया साइट्स आदि पर अपनी जानकारी देने के पहले सावधानी रखें।
वर्तमान के डिजिटल तकनीकी दौर में स्टूडेंट्स व लोगों को सायबर अपराधों के प्रति जागरूक व सावधान करने और उन्हें इसके संबंध में तकनीकी ज्ञान देने के उद्देश्य से, इंदौर पुलिस द्वारा जनवरी 2022 से लगातार विभिन्न सायबर अवेयरनेस कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत पिछले वर्ष 14 सितंबर 2022 को ही इस जागरूकता कार्यक्रम का नामकरण “सायबर पाठशाला” के रूप में किया गया था। इस 1 वर्ष में टीम द्वारा 275 कार्यशालाएं आयोजित कर लगभग 37000 लोगों को सायबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। जागरूकता पाठशाला के 1 वर्ष पूरा होने पर डीसीपी क्राइम और इंदौर पुलिस की टीम ने केक काटकर सभी के साथ सायबर पाठशाला की वर्षगांठ मनाई। कॉलेज प्रिंसिपल एस बी सिंह, क्षत्रिय कलमकार संघ के अध्यक्ष देवेश ठाकुर, सचिव सुनील सिंह शेखावत, उपनिरीक्षक शिवम ठक्कर, सहायक उपनिरीक्षक गयेंद्र यादव, डॉक्टर ए.के. द्विवेदी सहित कॉलेज का अन्य स्टाफ व स्टूडेंट उपस्थित रहे।