भोपाल। नामांकन वापसी केे बाद अब जब 15 दिनों तक चुनाव प्रचार शबाब पर रहने वाला है तो चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए कुछ नए बंधन भी तय कर दिए हैं। आयोग ने कहा है कि राजनैतिक दल के कार्यालय या उम्मीदवार के स्वयं के भवन पर अधिकतम तीन झंडे लगाए जा सकते हैं। प्रत्याशियों के समर्थन में होने वाले रोड शो के दौरान हर 10 वाहनों के बाद 100 मीटर का गैप रखना आवश्यक है। ऐसा नहीं हुआ तो वाहन चुनाव तक के लिए जब्त कर लिया जाएगा।
झंडे में प्रत्याशी का नाम या फोटो तो खर्च उम्मीदवार के खाते में जाएगा
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रचार के दौरान कोई भी व्यक्ति दोपहिया वाहन पर एक फीट गुणा आधा फीट का झंडा लगा सकता है लेकिन यदि झंडे पर उम्मीदवार का नाम या फोटो होगा तो वह उम्मीदवार के चुनाव खर्च में जुड़ेगा। इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति अपने वाहन पर एक या दो छोटे स्टीकर भी लगा सकता है। फ्लैग की स्टिक किसी भी दशा में 3 फीट से अधिक नहीं हो सकती है। आयोग के मुताबिक राजनैतिक दल के कार्यालय या उम्मीदवार के स्वयं के भवन पर अधिकतम तीन झंडे लगाए जा सकते हैं। इसके साथ ही रोड शो को लेकर भी गाइडलाइन जारी की गई है। इसके अनुसार रोड शो के दौरान हर 10 वाहनों के बाद 100 मीटर का गैप रखना आवश्यक है। यदि कोई वाहन इसका उल्लंघन करता है तो उसको संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया तक के लिए जब्त किया जा सकता है। रोड शो के दौरान बैनर की अधिकतम साइज 4 फीट गुणा 6 फीट हो सकती है।
कमर्शियल वाहन के लिए लेना होगी अनुमति
आयोग ने चुनाव प्रचार में लगने वाले वाहनों के उपयोग को लेकर कहा है कि यदि कोई व्यक्ति निजी वाहन पर स्वयं के लिए झंडा या स्टीकर लगाकर चलता है तो यह आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है लेकिन यदि वह किसी अन्य के समर्थन में झंडा लगाए हुए हैं तो इस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 171 एच के प्रावधान लागू होंगे। साथ ही कमर्शियल वाहन की दशा में स्वयं के वाहन पर भी झंडा लगाने के लिए रिटर्निंग अधिकारी की अनुमति लेना आवश्यक होगी। साथ ही यदि वाहन में सामान्य किस्म का मॉडिफिकेशन किया जाता है जो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 52 के तहत है तो उसकी अनुमति है लेकिन इससे किसी दूसरे को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए।