भोपाल। राजधानी भोपाल से पेट्रोल पंपों पर होने वाली कटौती और धोखाधड़ी का हैरान करने वाला मामला आया है। गांधीनगर स्थित एक पेट्रोल पंप ने चोरी की सारी हदें पार करते हुए एक गाड़ी की 37 लीटर क्षमता वाली फ्यूल टैंक में 41 लीटर पेट्रोल भर दिया। यह धोखाधड़ी किसी आम नागरिक के साथ नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर (SI) के साथ हुई है। मामला उजागर होने के बाद नापतौल विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्षमता 37 लीटर, बिल बना 41 लीटर का!
दरअसल सब-इंस्पेक्टर (SI) सौरभ भदौरिया अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाने के लिए भोपाल के गांधीनगर स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। उन्होंने गाड़ी का टैंक फुल करने को कहा। जब नोजल ऑटो-कट हुआ और बिल सामने आया, तो एसआई भदौरिया के होश उड़ गए। मशीन में 41 लीटर पेट्रोल डालना दर्ज था, जबकि उनकी गाड़ी के पेट्रोल टैंक की कुल अधिकतम क्षमता ही महज 37 लीटर है। कंपनी द्वारा तय क्षमता से 4 लीटर ज्यादा पेट्रोल टैंक में कैसे समा गया? इस ‘जादुई’ आंकड़े ने पेट्रोल पंप पर चल रही बड़ी री-रीडिंग और घटतौली के खेल को बेनकाब कर दिया।
नापतौल विभाग ने लिया संज्ञान
अपने साथ हुई इस खुली धोखाधड़ी को देखकर सब-इंस्पेक्टर सौरभ भदौरिया ने तुरंत इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने पेट्रोल पंप प्रबंधन से इस पर जवाब मांगा, लेकिन कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला। इसके बाद एसआई भदौरिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नापतौल विभाग (Weights and Measures Department) से इस मामले की लिखित शिकायत की और पंप के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारी के साथ हुई इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत मिलते ही नापतौल विभाग तुरंत हरकत में आ गया है और मामले को संज्ञान में ले लिया है।
जांच के घेरे में पेट्रोल पंप, बड़ी कार्रवाई की तैयारी
नापतौल विभाग की टीम जल्द ही गांधीनगर स्थित उक्त नायरा पेट्रोल पंप पर धावा बोलकर मशीनों की टेस्टिंग और डिस्पेंसिंग यूनिट की बारीकी से जांच करेगी। इस बात की पूरी आशंका जताई जा रही है कि पंप की मशीनों में चिप या सॉफ्टवेयर के जरिए छेड़छाड़ की गई है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो पेट्रोल पंप को सील करने के साथ-साथ धोखाधड़ी का आपराधिक मामला (FIR) भी दर्ज कराया जाएगा। इस घटना के बाद से राजधानी के वाहन चालकों में भी पेट्रोल पंपों के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है।