सेगांव। विकासखंड की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार के मामले में हमेशा अव्वल रहती है। ग्राम पंचायत आए दिन भ्रष्टाचार की खबरों से सुर्खियों में बनी रहती है, जिससे ग्रामीण खासी परेशानियों से गुजरते हैं। नगर की मूलभूत सुविधाओं के लिए भी पत्रकारों पर निर्भर होते है। क्योंकि खबर लगने के बाद ही ग्राम पंचायत की नींद खुलती है।
पूर्व सरपंच दिनेश मिश्रा, दिलीप राठौड़, मुकेश गुप्ता, महेंद्र गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर परेशान होते रहते है, उनकी कोई सुनवाई नहीं करता है। सेगाव के ग्रामीणों ने अपने आवेदन में ग्राम पंचायत सचिव रमेश दवाने पर ड्यूटी के दौरान शराब का नशा करने का आरापे भी लगाया। साथ ही यह भी आरोप लगया कि कागजो पर सील साइन करने की एवज में भी सचिव रिश्वत की मांग करता है। इससे पहले भी जनपद भीकनगांव की ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की शिकायत में दिनांक 25/08/23 को यह सचिव निलंबित हो चुका है।
ग्रामीणों ओर विकास यात्रा में जनप्रतिनिधियों की शिकायत में ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के नाम से तो कहीं खाद्यान्न पर्ची के नाम से रिश्वत की शिकायत की गई थी और लगातार एक माह तक ग्राम पंचायत में अनुपस्थित रहा, जिससे ग्राम पंचायत का कार्य प्रभावित हुआ। यह सभी घटना सत्य पाई जाने पर दिनांक 25/8/2023 को जिला पंचायत खरगोन द्वारा आदेश क्रमांक/6660/ पंचा. प्रको -1/ 2023 के अनुसार निलंबन के बाद सेगांव बहाल किया गया था। यहां पद लेने के बाद फिर रिश्वत मांगने पर परेशान ग्रामीणांे ने बुधवार को जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर जनपद सीईओ रीमा अंसारी को ज्ञापन सौंपा व सचिव को हटाने की मांग की।
सचिव रमेश दवाने का ग्राम पंचायत सेगांव का 3 महीने का कार्यकाल भी विवादित रहा है इन तीन महीनो में दवाने सचिव के द्वारा लाखों का भुगतान शासन के दिशा निर्देश अनुसार नहीं किया गया है, जिसकी शिकायत भी हो चुकी है। लेकिन जनपद पंचायत सेगांव के अधिकारियों द्वारा जांच में देरी की जा रही है।
जनपद सीईओ रीमा अंसारी ने बताया कि ग्रामीण ग्राम पंचायत सचिव की शिकायत लेकर कार्यालय पहुँचे है। कार्यवाही के लिए जिला पंचायत भेज दी जाएगी। जल्द कार्यवाही होगी।