छतरपुर। स्वच्छ भारत अभियान के दावों की पोल एक बार फिर बारिश ने खोलकर रख दी है। नगर पालिका की कथित लापरवाही के चलते मामूली बारिश में ही नालों का गंदा पानी महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय ईशानगर और गर्ल्स हॉस्टल के मुख्य द्वार तक पहुंच गया, जिससे पूरे परिसर में अव्यवस्था फैल गई।
पुलिस लाइन तिराहे के पास स्थित इस कार्यालय परिसर में सैकड़ों कर्मचारी प्रतिदिन कार्य करते हैं, लेकिन मुख्य द्वार पर जमा गंदे पानी के बीच से गुजरने को वे मजबूर हैं। इसी परिसर में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित गर्ल्स हॉस्टल भी स्थित है, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं निवास करती हैं और इसी प्रभावित मार्ग से उनका आवागमन होता है।
स्थानीय कर्मचारियों और अधिकारियों के अनुसार, नालों की समय पर सफाई न होने और जल निकासी व्यवस्था ठीक न होने के कारण यह स्थिति बनी है। बताया जा रहा है कि महिला बाल विकास विभाग द्वारा कई बार नगर पालिका को लिखित रूप से नालों की सफाई कराने के लिए पत्राचार भी किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, जिससे कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों और छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग इस मार्ग से डर-डर कर निकलने को मजबूर हैं।
अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है।