रतलाम। पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने कोरोना काल के बाद बढ़ रहे हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लोगों में बढ़ रही इन गंभीर बीमारियों के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन और गहन जांच कराने की मांग की है।
कोठारी ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान समय में गंभीर और जानलेवा बीमारियों का इलाज बेहद महंगा हो गया है। इन बीमारियों के निदान के लिए आवश्यक जांचें भी आम नागरिक की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दवा कंपनियों ने कई जीवनरक्षक और आवश्यक दवाइयों की कीमतों में मनमाने ढंग से भारी वृद्धि की है। कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों पर उपचार का भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
प्रभावी मूल्य नियंत्रण बोर्ड बने
कोठारी ने मांग की है कि आवश्यक दवाइयों के मूल्य निर्धारण और नियंत्रण के लिए एक प्रभावी मूल्य नियंत्रण बोर्ड का गठन किया जाए। वर्तमान व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जाए, ताकि दवा कंपनियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सके और आम नागरिकों को उचित कीमत पर दवाइयां उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 10 लाख रुपए से कम है, उन्हें भी योजना के दायरे में शामिल कर आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जाए।
कोठारी ने प्रधानमंत्री के साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी मांग की है कि आयुष्मान योजना के तहत केंद्र सरकार जितनी उपचार सहायता राशि उपलब्ध कराती है, उतनी ही अतिरिक्त राशि मध्य प्रदेश सरकार भी उपलब्ध कराने का प्रावधान करे, ताकि प्रदेश के जरूरतमंद मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए पर्याप्त आर्थिक सहयोग मिल सके।