चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों के तहत गुरुवार को गंगरार उपखंड की ग्राम पंचायत बोरदा में जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया तथा रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पात्र हितग्राहियों को भूमि पट्टे तथा मंगला पशु बीमा योजना के प्रमाण पत्र वितरित किए।
डॉ. मंजू ने विभागीय अधिकारियों से शिविर की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति का कार्य प्राथमिकता से किया जाए और अधिकतम सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा लोगों की समस्याओं का सरल, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिविर में आने वाले किसी भी ग्रामीण को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें।
रात्रि चौपाल में जिला कलक्टर ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म संपन्न कर उन्हें आवश्यक सामग्री भेंट की गई।
कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय पाठक, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, अतिरिक्त जिला कलक्टर (रावतभाटा), उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।