शाजापुर। जिले की गुलाना तहसील में प्रशासनिक अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में जन संघर्ष समिति ने एक दिवसीय भूख हड़ताल कर तहसील प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। समिति ने आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय में बिना रिश्वत दिए आम नागरिकों के वैध कार्य भी समय पर नहीं किए जाते और लोगों को महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
तहसील परिसर के बाहर आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान समिति के संस्थापक सदस्य अविनाश सिंह ने कहा कि आमजन लंबे समय से नामांतरण, सीमांकन, प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न कार्यों के लिए परेशान हो रहे हैं। कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे मजबूर होकर भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
समिति का आरोप है कि सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही का अभाव है और बिना कथित रिश्वत के कोई भी काम समय पर नहीं होता। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही से जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।
भूख हड़ताल के बाद समिति ने अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम नेहा गंगारे को सौंपते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण, भ्रष्टाचार पर रोक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार की मांग की।
जन संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप जन संघर्ष समिति द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार में उपलब्ध नहीं है।