BREAKING NEWS
KHABAR : ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी के लिए 33 केंद्र.. <<     VIDEO NEWS: “आस्था से युवाओं तक सब लुटे, अब जनता.. <<     उज्जैन जिले के जगोटी में बारिश से उफनी रपट.. <<     उज्जैन के बड़नगर में दर्दनाक हादसा, उफनती.. <<     KHABAR : 15 मिनट की बारिश में उजागर हुई नगर पालिका की.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     NEWS : माउंट आबू में सहकारिता सप्ताह का भव्य.. <<     KHABAR : एमपी में सरकारी स्कूलों की बदहाली पर.. <<     BIG NEWS : भाजपा सरकार पर कांग्रेस का हमला,.. <<     BIG NEWS : किराना दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब,.. <<     देवास पुलिस का महा-ऑपरेशन: एक ही रात में 5 अवैध.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले का चीताखेड़ा और सुबह का वक्त, जब.. <<     VIDEO NEWS: काले बादलों का कहर, मौसम विभाग का रेड.. <<     KHABAR : अवैध हथियार तस्करो पर बड़ी कार्रवाई, एक ही.. <<     मनासा-मंदसौर मार्ग पर भीषण हादसा, कार की.. <<     BIG NEWS : मालवा के मंदसौर में देर रात हाई-वोल्टेज.. <<     रतलाम में 40 लाख की कथित लूट निकली फर्जी, 24 घंटे.. <<     खरगोन जिले के कसरावद बाजार में यूपी के रसीले.. <<     एसपी के निर्देश पर बड़ा पुलिस एक्शन, संपत्ति.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 3, 2026, 1:58 pm
KHABAR : एमपी में सरकारी स्कूलों की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त, 1895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, एचसी ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब, पढे़ खबर

Share On:-

जबलपुर। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 17 अगस्त तक विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।


जनहित याचिका में दावा किया गया है कि प्रदेश में स्वीकृत 2.89 लाख शिक्षक पदों में से 1,15,678 पद रिक्त हैं। यानी करीब 40 प्रतिशत शिक्षक पद खाली पड़े हैं, जिससे सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। याचिका में यह भी बताया गया है कि प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। इसके अलावा लगभग 5,000 स्कूलों के भवन जर्जर हालत में हैं। वहीं 3,400 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है और करीब 59,000 स्कूल कंप्यूटर जैसी बुनियादी डिजिटल सुविधाओं से वंचित हैं।


याचिकाकर्ता का कहना है कि शिक्षकों की कमी और खराब आधारभूत सुविधाओं के कारण पिछले 10 वर्षों में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 22 लाख से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से शिक्षकों की भर्ती, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE