रतलाम। मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रदेशभर में चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू करने जा रही है। यह आंदोलन युवाओं, किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, सरकार की जवाबदेही तय करने तथा भ्रष्टाचार एवं सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ है।
यह बात रतलाम जिला कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने शुक्रवार दोपहर कही। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला एवं शहर कांग्रेस द्वारा संयुक्त रूप से प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बताई।
प्रदेश में लाखों युवाओं का भविष्य संकट में
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रदेश में लाखों युवाओं का भविष्य संकट में है। नीट एवं सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े विवादों और विद्यार्थियों की शिकायतों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रभावित विद्यार्थियों को समय पर न्याय नहीं मिल सका। कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। प्रदेश कांग्रेस ष्छात्रों की गूंजष् अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच जाकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय की मांग करेगी।
किसान गंभीर संकट से गुजर रहा
गहलोत ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश का किसान गंभीर संकट से गुजर रहा है। किसानों को समय पर डीएपी, यूरिया एवं अन्य उर्वरक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। कई स्थानों पर डीएपी की कमी है, जबकि एनपीके महंगे दामों पर बेची जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। खाद की कालाबाजारी, मनमानी कीमतों और पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खरीफ की बुवाई प्रभावित हो रही है।
महाकाल लोक एवं राम मंदिर चंदे की जांच हो
कांग्रेस ने महाकाल लोक परियोजना में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर उठे सवालों पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
इसके साथ ही अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चंदे एवं वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की भी मांग की।
भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए विशेष पोर्टल
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस की और से जल्द ही एक विशेष डिजिटल पोर्टल शुरू किया जाएगा। जहां कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार, सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग अथवा कथित अवैध संपत्तियों से संबंधित जानकारी एवं दस्तावेज गोपनीय रूप से साझा कर सकेगा।
शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी। तथ्यों के सत्यापन के बाद उचित समय पर आवश्यक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।