प्रतापगढ़। विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का आंदोलन शुल्क वृद्धि वापस लेने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन भी जारी रहा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर यूनिवर्सिटी प्रशासन को श्सद्बुद्धिश् प्रदान करने के लिए यज्ञ का आयोजन किया गया। परिषद ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं माने जाने पर भूख हड़ताल और चक्का जाम जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
सेमेस्टर शुल्क वृद्धि का किया विरोध
विद्यार्थी परिषद के नगर संयोजक सुदर्शन शर्मा ने बताया- यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सेमेस्टर प्रणाली के तहत साल में दो बार शुल्क वसूलना शुरू किया है, जिसमें भारी वृद्धि की गई है। परीक्षा शुल्क, नामांकन शुल्क और अन्य शुल्कों में बढ़ोतरी से जनजाति क्षेत्र के विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। परिषद इन शुल्कों को वापस लेने की मांग कर रही है।
अन्य मांगों में प्रतापगढ़ जिले के आठ राजकीय महाविद्यालयों का नाम जनजाति महापुरुषों के नाम पर करना, छात्राओं के लिए सिक्योरिटी गार्ड की व्यवस्था करना और नए विषय खोलना शामिल हैं, जिनके लिए विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। शर्मा ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्व में भी उनकी मांगों पर आश्वासन दिया था, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
एबीवीपी चित्तौड़ विभाग संयोजक विशाल डांगी ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल भी करनी पड़ी तो विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उसके लिए भी तैयार हैं।
ये रहे मौजूद
इस प्रदर्शन में एबीवीपी चित्तौड़ विभाग संयोजक विशाल डांगी, जिला संयोजक प्रशांत खत्री, प्रांत कार्यसमिति सदस्य दीपशिखा कुमावत, कविता, कुमकुम खुशी, शिवानी, रागिनी, रवि मीणा, प्रीतम सिंह, अंकित साहू, अनुराग पुरोहित, अभिमन्यु परमार, हर्ष प्रजापत, वैभव, हर्ष सेठिया, भावेश सुथार, ऋषभ पाटीदार, भरत, ध्रुव, राहुल और विजय सहित कई कार्यकर्ता व विद्यार्थी मौजूद रहे।