चित्तौडगढ। मानसून के साथ डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जुलाई माह को डेंगू रोकथाम माह के रूप में मनाने के निर्देश जारी किए है। अभियान के तहत चिकित्सा संस्थानों के साथ स्थानीय निकाय, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, जलदाय विभाग, परिवहन विभाग और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता व मच्छर नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
डॉ ताराचन्द गुप्ता, सीएमएचओ ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर से फैलने वाला वायरल रोग है, जिसके लिए कोई प्रभावी टीका या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाना और आमजन को जागरूक करना ही सबसे कारगर उपाय है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष अभियान की थीम डेंगू नियंत्रण के लिए जनभागीदारी जांच करें, सफाई करें और ढकें निर्धारित की गई है।
अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए बैठकें आयोजित होंगी। आशा सहयोगिनियों की सक्रिय भागीदारी के साथ घर-घर सर्वे किया जाएगा। इस दौरान मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। लोगों को मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रत्येक दिन की गतिविधियों की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में तैयार कर कार्यालय भेजी जाएगी।
स्कूलों से मोहल्लों तक जागरूकता अभियान:-
विद्यालयों में विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने के लिए प्रश्नोत्तरी, निबंध, चित्रकला व पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा रैलियां, जनजागरूकता कार्यक्रम तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों के माध्यम से आमजन तक संदेश पहुंचाया जाएगा, ताकि लोग अपने स्तर पर भी सतर्कता बरत सकें।
रैपिड रिस्पांस टीम रहेगी अलर्ट:-
डॉ पूनीत कुमार तिवाडी ने सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों व चिकित्सा संस्थानों के प्रभारियों को संभावित प्रकोप से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम तैयार रखने, दवाओ की उपलब्धता के निर्देश दिए हैं। जांच सुविधाएं, कीटनाशक दवाएं रखे जावे। सभी संबंधित विभागों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गये है। उपकरण क्रियाषिल रखने के लिए कहा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि डेंगू नियंत्रण के लिए किए गए प्रयास से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रब टायॅफस वायरस जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी सहायक होंगे।