अलीराजपुर। स्थानीय असाडा राजपूत समाज द्वारा मंगलवार को गणगौर माता का विर्सजन श्रद्धा और आस्था के साथ धूमधाम से किया गया। श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर एवं श्री अम्बे माता मंदिर असाडपुरा में क्रमशः 28 व 20 कुल विराजित 48 गणगौर माता की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। उसके बाद सुक्कड़ नदी में जवारों का विर्सजन किया गया। सैकड़ों की संख्या में समाज के सभी लोगों ने चल समारोह में भाग लेकर शोभा बढ़ाई, समाज के अध्यक्ष रिंकेश सिंह तंवर, मीडिया संयोजक उमेश वर्मा कछवाहा, आशीष सिंह वाघेला ने बताया गया कि असाडा राजपूत समाज द्वारा सामाजिक एकता, अखंडता का परिचायक रहता हैं धार्मिक गणगौर पर्व। यह पर्व श्रावण मास की शीतला सप्तमी से पूर्णिमा तक प्रतिदिन सुबह व शाम को पूजा अर्चना कर मनाया जाता है। इस पर्व में मध्यप्रदेश के अलावा विदेश से तथा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, आदि प्रान्तों से भी समाजजन, श्रद्धालु भाग लेने के लिए आते है। पूर्णिमा को रतजगा कर गरबे, भजनों पर भक्तगण आंनद लेते है व अगले दिन गरबा नृत्य व माताजी के भजनों के साथ जवारों का विर्सजन किया जाता है। रियासत काल के समय से माता की स्थापना करने की परम्परा प्रचलित है।