ग्वालियर। रविवार को बड़ी संख्या में सेन्ट्रल जेल पहुंची बहनों ने कैदी भाइयों को तिलक कर भाई दूज मनाई। जेल में ही बने लड्डू से बहन और भाइयों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया है। जेल प्रशासन ने बाहर से कोई भी मिठाई अंदर लाने की परमिशन नहीं दी थी है। जेल में बंदी भाइयों को तिलक करने आई बहनों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए खुली जेल मैदान में टेंट लगाकर भाईदूज की मुलाकात कराई गई।
सुबह करीब 9 बजे से बहनों का सेंट्रल जेल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। केंद्रीय जेल पहुंची बहन अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनके साथ बैठके उनका हाल-चाल भी जाना। लंबे अर्से बाद बहनों को देख भाइयों की आंखे झलक आईं। आसपास के जिलों के अलावा कई बहनें हरियाणा और सतना से भी पहुंची हैं। दोपहर 1 बजे तक करीब 4 हजार बहनें अपने कैदी भाइयों को तिलक कर चुकी हैं।
शाम 4 बजे तक होगा आयोजन
सेंट्रल जेल में शाम 4 तक 8 से 10 हजार बहने पहुंचकर अपने भाइयों के साथ भाई दूज मनाएंगी। जेल में बंद भाइयों के माथे पर तिलक करते वक्त बहन-भाई दोनों के आंसू छलक आए। जेल में बने लड्डू से बहन और भाइयों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया है। जेल प्रशासन ने बाहर से कोई भी मिठाई अंदर ले जाने की परमिशन नहीं दी। जेल प्रबंधन ने बंदी भाइयों को तिलक करने आने वाली बहनों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए खुली जेल मैदान में टेंट लगाकर भाईदूज की मुलाकात कराई।
बाहर की खान-पान सामग्री पर रही रोक
जेल में भाईदूज पर मिलने आने वाली महिलाओं को अपने साथ खानपान का सामान लाने जाने पर प्रतिबंधित किया गया था। जेल में सुबह से ही हजारों बहनों पहुंच कर अपने भाई को तिलक कर भाई भाई-बहन के इस त्योहार को मनाया है। इस दौरान जेल में पुरुषों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
बंदियों के लिए बनी है पूड़ी, सब्जी और खीर
जेल में सजा काट रहे बंदियों के लिए जेल प्रबंधन ने त्योहार में खाने की व्यवस्था की है। भाई दूज के त्योहार पर जेल में बंदियों के लिए पूड़ी, सब्जी के साथ ही खीर बनाई गई है। यह खाना जेल में बंद अन्य कैदियों ने बनाया है। भाई दूज पर जब बहन अपने भाइयों को तिलक करेंगी तो उसके लिए लड्डू बनाए हैं। जो बहनों को जेल परिसर से ही खरीदने होंगे।
मेनगेट से जेल परिसर तक तीन जगह चेकिंग
भाइयों से मिलने आई बहनें जेल में किसी प्रकार की सामग्री अंदर नहीं ले जा सके इसके लिए तीन स्थानों पर चेकिंग व्यवस्था लगाई है। जेल में महिलाओं को प्रवेश देने से पहले उनके मोबाइल और पर्स बाहर जमा करवाए गए हैं।