देवास। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय अंतर्विभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देशानुसार आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों एवं वित्तीय संस्थाओं ने महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में महिलाओं को बैंक ऋण योजनाएं, ब्याज अनुदान, आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही पशुपालन, उद्यानिकी, कृषि एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने प्राकृतिक खेती, बकरी पालन, बैकयार्ड पोल्ट्री, फलदार बगीचे, मसाला खेती तथा मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।
नाबार्ड के ओजस्वी दीक्षित ने महिलाओं को विभिन्न विभागीय योजनाओं के लाभ एवं प्रशिक्षण की जानकारी दी। जिला परियोजना प्रबंधक शीला शुक्ला ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर लखपति दीदी विमल नागर ने पीएमएफएमई योजना के तहत संचालित पापड़ यूनिट तथा अनिता गोस्वामी ने वर्मी यूनिट के सफल संचालन के अनुभव साझा किए। महिलाओं को प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों के निर्माण संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।