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November 3, 2024, 4:30 pm
KHABAR : कोटडा बुजुर्ग में बैलों के द्वारा कराया गया घास भेरु महाराज को गांव का भ्रमण, ग्रामीणों ने निभाई ऐतिहासिक परंपरा, पढ़े कमलेश प्रजापति की खबर 

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गरोठ। कोटडा बुजुर्ग में बैलो द्वारा घास भेरु महाराज को कराया गांव भ्रमण एक पवित्र और ऐतिहासिक परंपरा है जो कई वर्षों से चली आ रही है। ग्राम मे किसान अपने अपने बैलो को सजाकर लाते है,किसान बैलो के उपर झांकिया बनाकर लाते है जो गाव भ्रमऩ के दौरान आकर्षण का केंद्र रहती है जो किसान अपने बैलों को खासकर सजाकर लाते है, यहा ग्रामीण सहित आसपास के क्षेत्र से बडी संख्या में लोग देखने आते हैं। गाव में भेरु महाराज के चार स्थान है। हर साल घास भेरु महाराज को अलग अलग स्थानों पर छोडा जाता है। 

यह परंपरा ग्रामीण समाज में एकता, समर्थन और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। घास भेरु महाराज की पूजा और गाव भ्रमण से ग्रामीण लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता और सम्मान मिलता है।

इस परंपरा में बैलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। बैलों की पूजा और उनका सम्मान करना ग्रामीण समाज में एक महत्वपूर्ण पहलू है। कोटडाबुजुर्ग के लोगों को इस परंपरा को बहुत खासकर निभाई जाती है।  यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत के रूप में बनी रहे।

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