जबलपुर। कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर हाईकोर्ट सख्त हुआ है। मामले में एमपी हाईकोर्ट ने यूट्यूब(एक्स) और मेटा प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस तरह से लाइव स्ट्रीमिंग को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर रोक लगाई है। मीडिया हाउसों को भी हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं।
लाइव स्ट्रीमिंग को मीडिया में भी दिखाने के लिए मनाही है। हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर तक सभी से जवाब मांगा है। दमोह के विजय बजाज ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका लगाई है। याचिका में कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग से जनरेट हुआ रेवेन्यू भी वापस लेने की मांग की है। तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग को सोशल मीडिया और यूट्यूब पर लोड करने पर भद्दे कमेंट हो रहे हैं। जानकारी उत्कर्ष अग्रवाल, याचिकाकर्ता के वकील ने दी है।