बालाघाट। मध्य के बालाघाट जिले की वारासिवनी जनपद पंचायत की अध्यक्ष माया उइके ने कांग्रेस जनपद सदस्य जितेंद्र राजपूत पर अभद्रता करने व जातिगत अपमानित करने का मामला पुलिस में दर्ज कराया है। जिसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने जितेंद्र राजपूत के समर्थन में उतरते हुए पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह से मुलाकात की और मामले को राजनीतिक बता कर निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
बैठक में जनपद अध्यक्ष और सदस्य के बीच हुई बहस
बता दे कि 4 नवंबर को जनपद पंचायत वारासिवनी में बालाजी मेले का आयोजन को लेकर बैठक हुई थी। इसी बैठक मे जनपद अध्यक्ष माया उइके व जनपद सदस्य जितेंद्र राजपूत के बीच जमकर बहस हो गई थी। जिसके बाद जनपद अध्यक्ष माया उइके ने जितेंद्र राजपूत पर अभद्रता करने व जातिगत अपमानित करने का आरोप लगाते हुए वारासिवनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने जितेंद्र राजपूत के खिलाफ एसटी-एससी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
जनपद सदस्य के समर्थन में उतरे कांग्रेस विधायक
वहीं अब कांग्रेस के विधायक विवेक पटेल और अनुभा मुंजारे ने 9 जनपद सदस्य के साथ कांग्रेस के अपने जनपद सदस्य जितेंद्र राजपूत के समर्थन में उतरते हुए एसपी नगेंद्र सिंह से मुलाकात की और इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। विधायकों का कहना था कि जनपद अध्यक्ष के साथ किसी तरह की अपमानजनक बातें नहीं हुई है और ना ही किसी तरह की अभद्रता की गई है। राजनीतिक वैमनस्यता के चलते रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जो गलत है इसकी जांच की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने कहा कि जनपद पंचायत में जिस बैठक को लेकर यह मामला सामने आया उस बैठक में आदिवासी समाज के अध्यक्ष सहित 4 जनपद सदस्यों में से तीन सदस्य जितेंद्र राजपूत के पक्ष में हैं। जिन्होंने भी घटना दिनांक को जनपद अध्यक्ष के साथ किसी तरह से अभद्रता या अपमानित करने के आरोप को पूरी तरह गलत बताया है। इन सदस्यों ने बताया कि अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोप निराधार और गलत है। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।