भोपाल। गुड गवर्नेंस के लिए बेस्ट प्रैक्टिसस को बढ़ावा देने और ऐसा करने वाले अफसरों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही संगोष्ठी करेगी। नीति आयोग के निर्देश पर नवाचार को बढ़ावा देने राज्य सरकार ने इसके लिए कलेक्टरों को पत्र लिखा है। जिला अधिकारियों से प्रस्ताव मांगे हैं।
नवाचार को आउटकम, रिप्लीकेबिलिटी और स्केलेबिलिटी के आधार पर चुना जाएगा। इसके बाद चुने गए जिलों के कलेक्टर या उनके जिलों के उप सचिव स्तर तक के अधिकारी को संगोष्ठी में प्रस्तुति के लिए बुलाया जाएगा या बेस्ट प्रैक्टिसेस का प्रकाशन किया जाएगा। प्रमुख सचिव योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग संजय कुमार शुक्ल ने कलेक्टर्स को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है
सुशासन और नए सफल प्रैक्टिसिस की पहचान करना राज्य नीति आयोग की जिम्मेदारी है। इसलिए सफल गवर्नेंस मॉडल के लिए नीतिगत सुझाव देने और प्रदेश में कुशल नागरिक सेवा को सुलभ बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार के बारे में बताना आयोग का दायित्व है। इसी के चलते जिलों में किए जा रहे अच्छे कार्यों को प्रोत्साहित करने तथा जिलों की बेस्ट प्रैक्टिसिस को प्रदेश भर में पहुंचाने के लिए जिला अधिकारियों को जिला स्तर की बेस्ट प्रैक्टिसिस और नवाचारों के लिए मंच दिया जाना है।
नीति आयोग दे रहा मंच
प्रमुख सचिव ने कहा कि जिले में हो रहे नवाचार और बेस्ट प्रैक्टिसिस को प्रोत्साहित करने के लिए नीति आयोग के निर्देश के अनुसार आवेदन किए जाएं। उन्होंने कहा है कि नीति आयोग जिलों के नवाचार और बेस्ट प्रैक्टिसिस को प्रोत्साहित करने एक मंच प्रदान कर रहा है। इसके लिए विषयवार संगोष्ठी का आयोजन प्रस्तावित है। सुशासन एवं अभिनव सफल प्रथाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की पहचान करना राज्य नीति आयोग का प्रमुख कार्य है।
इस आधार पर होगा चयन
प्रमुख सचिव शुक्ल ने कहा है कि आयोग द्वारा जिलों से प्राप्त आवेदनों को उनके नवाचार के आउटकम, रिप्लीकेबिलिटी और स्केलेबिलिटी के आधार पर चयनित किया जाएगा। चुने गए जिलों के कलेक्टर या उनके जिलों के उप सचिव स्तर तक के अधिकारी को संगोष्ठी में प्रस्तुति के लिए बुलाया जाएगा या बेस्ट प्रैक्टिसिस का प्रकाशन किया जाएगा।
थीम और बैकग्राउंड बताना होगा
जो अधिकारी अपने नवाचार और बेस्ट प्रेक्टिसेस के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें अपनी जानकारी देने के साथ जिले की बेस्ट प्रैक्टिस का नाम, थीम, बैकग्राउंड और बेस्ट प्रेैक्टिस की जानकारी देना होगी। इस बेस्ट प्रैक्टिस के रिजल्ट, इस लागू करने के दौरान सामने आई दिक्कतों, चुनौतियों तथा अन्य जानकारी भेजना होगी।