उज्जैन। नव वर्ष पर इस बार महाकाल मंदिर में तीन दिन में 20 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसको लेकर महाकाल समिति ने भस्मआरती की ऑनलाइन परमिशन 26 दिसंबर से 2 जनवरी तक के लिए बंद कर दी है। अब श्रद्धालु चलित भस्म आरती में शामिल हो सकेंगे या फिर एक दिन पहले ऑफलाइन बुकिंग करा सकेंगे।
प्रति वर्ष अनुसार इस बार भी नव वर्ष के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। 8 दिन तक तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद रहेगी। महाकाल मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया- ऑनलाइन बुकिंग के तहत 1400 स्लॉट उपलब्ध होते हैं, जबकि ऑफलाइन बुकिंग में केवल 300 स्लॉट ही मिलेंगे। इस अवधि में ऑफलाइन बुकिंग जारी रहेगी, जिसे एक दिन पहले किया जा सकेगा। इसके लिए त्रिवेणी संग्रहालय के पास स्थित पिनाकी द्वार के निकट एक काउंटर बनाया गया है, जहां रोजाना रात 10 बजे से ऑफलाइन अनुमति के लिए फॉर्म उपलब्ध होंगे।
मंदिर परिसर में ऐसी रहेगी दर्शन व्यवस्था
प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि यूडीए 20 दिसंबर तक टनल का कार्य पूरा कर हमें सौंप देगा तो पूरी क्षमता के साथ टनल को उपयोग किया जाएगा। इस दौरान सामान्य दर्शनार्थी चारधाम मंदिर के पार्किंग स्थल से प्रवेश कर शक्ति पथ त्रिवेणी संग्रहालय के पास से नंदी द्वार, महाकाल लोक, मानसरोवर भवन, फैसिलिटी सेंटर-1, टनल, नवीन टनल-1, गणेश मंडपम् से महाकालेश्वर के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन के बाद आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर की ओर बड़ा गणेश मंदिर के पास होते हुए हरसिद्धि मंदिर तिराहा, चारधाम मंदिर पर पहुंचकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर सकेंगे।
दिव्यांग और वीआईपी यहां से करेंगे प्रवेश
बुजुर्ग और दिव्यांग के लिए निरूशुल्क दर्शन होंगे। इसके लिए अवंतिका द्वार यानी गेट नंबर 1 से प्रवेश कर सकेंगे। वीआईपी एवं मीडिया प्रवेश वीआईपी, वीवीआईपी, मीडिया की एंट्री नीलकंठ द्वार से रहेगी। वीआईपी गेट के पास ही बने पार्किंग पर वाहन पार्क होंगे। यहां से महाकाल लोक कंट्रोल रूम, शंख द्वार, निर्माल्य द्वार से प्रवेश कर कोटितीर्थ कुंड के पास से होकर सभा मंडपम् से नंदी हॉल में पहुंचेंगे। दर्शन के बाद इसी मार्ग से वापसी होगी।