नीमच। राम नाम की भक्ति शिव शंकर को भी पसंद थी। वे भी राम का ही स्मरण करते थे। राम नाम स्मरण मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं। राम नाम जपने से संसार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। राम नाम का प्याला अमृत का प्याला होता है। राम नाम की भक्ति का रस जीवन में एक बार चढ़ता है जो जीवन के कल्याण के बाद ही उतारता है।
यह बात पं. पंकज कृष्ण महाराज ने कही। वे प्रेमीजन मंडल नीमच के तत्वावधान में गणपति नगर क्षेत्र स्थित सिद्धि विनायक मंदिर परिसर में आयोजित शिव पुराण कथा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति ऐसी करनी चाहिए जो कभी जीवन में अलग नहीं हो जीवन में जुड़ जाए। मातृ शक्ति नारी को मर्यादा और अनुशासन में ही जीवन जीना चाहिए यही उसका गहना होता है।
सत्संग में ज्ञान की परीक्षा होती है। महादेव की भक्ति करने से संसार के सभी सुख स्वतरू ही मिल जाते हैं। महाराज श्री ने शिव पुराण के मध्य दक्ष प्रजापति, 16 कन्या, धर्म अग्नि, प्रति शैलपुत्री शिव पार्वती हिमगिरी, सती विवाह, बद्रिका आश्रम, दंडकारण्य में सीता माता आदि प्रसंगों का वर्तमान परीपेक्ष्य में महत्व बताया। शिव पुराण के मध्य शिव बारात शिव पुराण भक्ति पंडाल पर पहुंची शिव बारात में भूत पिशाच उपस्थित थे। बारातियों का श्रद्धालु भक्तों द्वारा पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। भक्तों ने नृत्य किया। शिव बारात में शिव का अभिनय श्वेता कुंवर, पार्वती सुहानी राठौड़, भूत पिशाच कृष्ण पंवार, लक्षित लक्ष्यकार, गर्वित सिंह पंवार लक्की सहित अनेक बच्चे सहभागी बने। शिवपुराण कथा में पंकज कृष्ण महाराज श्री द्वारा आज कार्तिक व गणपति जन्म के प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।