भोपाल। हाल ही में त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी, क्वालिटी ग्रुप और ईशान ग्रुप पर आयकर विभाग की छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि सहारा ग्रुप की एक 200 करोड़ की संपत्ति को मात्र 50 करोड़ रुपये में बेचा गया है। छापेमारी के पांचवें दिन तक आयकर विभाग ने 8 करोड़ रुपये, ज्वेलरी और करोड़ों रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। साथ ही विभाग ने 25 बैंक लॉकर खोले जाने की योजना बनाई है, जिससे और भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की जा सकेगी।
इस कार्रवाई ने संपत्ति के लेनदेन और बिल्डर-निर्माण कंपनियों में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों को उजागर किया है। जो आगे चलकर और भी बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश कर सकता है। आगे की जांच में इन कंपनियों से जुड़े अन्य अज्ञात तथ्य भी सामने आ सकते हैं। बता दें कि त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी, क्वालिटी ग्रुप और ईशान ग्रुप के संचालकों और इनसे जुड़े 52 ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड पड़ी थी।
सहारा ग्रुप की 200 करोड़ रुपये की कीमती संपत्ति को केवल 50 करोड़ रुपये में बेचा गया है. यह लेन-देन कई सवालों को जन्म देता है, जैसे कि क्या इसमें वित्तीय अनियमितताएं हैं या यह केवल एक सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया थी। आयकर विभाग ने अब तक 8 करोड़ रुपये नकद, महत्वपूर्ण ज्वेलरी और करोड़ों रुपये के संपत्ति दस्तावेज बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों में फर्जी लेन-देन, धन के स्रोत, और टैक्स चोरी के संकेत हो सकते हैं।