भोपाल। नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा से जुड़े मामले में भोपाल के साइबर सेल ने नर्सिंग काउंसिल के ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज से संबंधित सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि नर्सिंग काउंसिल दफ्तर से जब्त किए गए सीसीटीवी के डीवीआर से डाटा साइबर सेल से रिट्रीव नहीं हो सका है। उसे केंद्रीय लैब में भेजा गया है। जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस एके पालीवाल की युगलपीठ ने अगली सुनवाई से पहले हर हाल में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। मामले पर अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
हाईकोर्ट ने 23 जनवरी को भोपाल पुलिस कमिश्नर और साइबर सेल को निर्देश दिए थे कि काउंसिल कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज पुनः रिट्रीव करें। कोर्ट ने कहा था कि काउंसिल ऑफिस के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग देखकर पता लगाया जाए कि दफ्तर से क्या-क्या बाहर ले जाया गया है। हाईकोर्ट ने साइबर सेल को तत्कालीन रजिस्ट्रार अनीता चांद के मोबाइल फोन के टावर लोकेशन की जानकारी एकत्र करने भी कहा था, ताकि 13 से 19 दिसंबर, 2024 की अवधि के दौरान कार्यालय में उनकी भौतिक उपस्थिति का पता लगाया जा सके।
लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की जनहित याचिका के साथ सभी अन्य नर्सिंग मामलों की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट ने जब 12 दिसंबर को तत्कालीन रजिस्ट्रार को हटाने के आदेश दिए थे, उसके बाद उनके द्वारा अपने कार्यकाल में की गई अनियमितताओं से संबंधित फाइलें 14 दिसंबर को गायब की गई हैं। फुटेज भी डिलीट किए गए हैं।