BREAKING NEWS
BIG NEWS : तस्करी के नेटवर्क पर खाकी का शिकंजा नीमच.. <<     VIDEO NEWS: नीमच की सब जेल कॉलोनी में नाबालिग ने.. <<     VIDEO NEWS: नीमच CRPF परिसर में दर्दनाक हादसा, सीवरेज.. <<     VIDEO NEWS: महावीर इंटरनेशनल प्रियदर्शिनी ने चलाया.. <<     VIDEO NEWS: 65 साल पुरानी बेधड़क बिल्डिंग ने डराया,.. <<     VIDEO NEWS: नीमच विधानसभा को मिली 52 लाख की सौगात,.. <<     खरगोन: PMGSY की बड़ी लापरवाही, वैकल्पिक पुलिया पर.. <<     दतिया उपचुनाव से पहले प्रशासन अलर्ट,.. <<     सेगांव के जिरातपुरा में करंट लगने से एक बैल.. <<     खरगोन जिले के कसरावद में 'SAFE CLICK-2026' अभियान, पुलिस.. <<     KHABAR : शरीर पर मिट्टी लगाकर नदी किनारे चिता पर.. <<     KHABAR : अखाड़ा परिषद विवाद में नया मोड़, निर्माेही.. <<     KHABAR : कोटड़ी इस्तमुरार और आकली में 52 लाख रुपये के.. <<     KHABAR : सीएम डॉ. मोहन यादव के कालापीपल दौरे की.. <<     शिवपुरी में दबंगों की मनमानी,बड़ोनियापुरा.. <<     BIG NEWS : मंदसौर में देर रात भयानक सड़क हादसा, चाय.. <<     शिवपुरी जनसुनवाई में गूंजी न्याय की पुहार,.. <<     शाजापुर की नई एसपी प्रियंका शुक्ला ने संभाला.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
February 11, 2025, 11:26 am
BIG REPORT : स्कूलों की मान्यता की आखरी डेट खत्म, प्रदेश के 6 हजार से अधिक स्कूलों ने नहीं किया आवेदन, भोपाल के 232 बाकी, पढे़ खबर 

Share On:-

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य शिक्षा केंद्र के नए नियमों के कारण हजारों निजी स्कूलों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। निजी स्कूल संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि विभाग की कठोर शर्तों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते कई विद्यालयों की मान्यता अधर में लटकी हुई है। प्रदेशभर में करीब 20 प्रतिशत स्कूल अब तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं, जिनकी संख्या 6,000 से अधिक है।


भोपाल में 1400 स्कूलों में से 232 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं।


अगर यह हालात रहे तो 18,000 निजी स्कूल बंद हो सकते हैं, जिससे लाखों बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी, खासकर उन छात्रों की जिनका नाम कम शुल्क वाले विद्यालयों में है। अजीत सिंह के अनुसार, जिन स्कूलों ने आवेदन किया है, उनमें भी कई स्कूलों के पास दस्तावेज़ पूरे नहीं हैं या वे नए नियमों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विभाग की चुप्पी बनी हुई है।


प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने समाज से अपील की है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए इस समस्या का हल जल्द निकाला जाए। यदि समय रहते यह मुद्दा हल नहीं हुआ तो हजारों स्कूल बंद हो जाएंगे और लाखों बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा।


निजी विद्यालयों के संचालकों का आरोप है कि जहां सरकार निजी स्कूलों पर सख्ती कर रही है, वहीं सरकारी स्कूलों की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। अजीत सिंह ने कहा कि 40 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं है, 25 प्रतिशत  में शौचालय की सुविधा नहीं है, कई स्कूलों में शिक्षक की कमी है और कहीं-कहीं छात्रों की संख्या भी कम हो रही है।


इस बीच, एसोसिएशन ने यह भी चेतावनी दी है कि सरकार के नए नियमों की जटिलता के कारण सवा लाख से अधिक कर्मचारी बेरोजगारी की कगार पर पहुंच सकते हैं।


भोपाल में बीजेपी ऑफिस के सामने स्कूल संचालकों का धरना
मध्यप्रदेश में प्राइवेट स्कूलों के मान्यता नियमों में बदलाव को लेकर मंगलवार को स्कूल संचालकों ने बीजेपी ऑफिस के सामने धरना दिया। करीब दो घंटे तक वे ऑफिस के बाहर डटे रहे, फिर लौट गए। अब वे शिक्षा मंत्री से भी मिलेंगे। इससे पहले स्कूल संचालकों ने 10 जनवरी को हड़ताल की थी। वहीं, महीनेभर पहले स्कूल संचालक राज्य शिक्षा केंद्र कार्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी कर चुके हैं। स्कूल संचालक इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दे चुके हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE