BREAKING NEWS
BIG REPORT : कथित शुद्धिकरण के विरोध में कांग्रेस का.. <<     BIG NEWS : नशे की बड़ी खेप पर खाकी का वार, स्विफ्ट कार.. <<     KHABAR : मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत.. <<     KHABAR : नीमच में निकली भव्य तिरंगा रैली, देशभक्ति.. <<     NEWS : सालवी सूत्रकार महासभा का आयोजन 15 अगस्त को.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     NEWS : सोशल मीडिया पर हथियार और तलवार के साथ.. <<     NEWS : शिक्षक संघ प्रगतिशील ने नवागत जिला शिक्षा.. <<     BIG NEWS : वन विभाग की छापेमारी में खुला राज, घर में.. <<     KHABAR : रतलाम में कलेक्टर बने 5वीं कक्षा के टीचर,.. <<     REPORT : अवैध खनिज परिवहन पर नीमच कलेक्टर हिमांशु.. <<     BIG NEWS : स्विफ्ट डिजायर में डोडाचूरा की बड़ी खेप,.. <<     KHABAR : हर घर तिरंगा अभियान के तहत दतिया पुलिस ने.. <<     NEWS : ब्लॉक कांग्रेस की बैठक में चुनावी.. <<     NEWS : स्वतंत्रता दिवस पर पेच एरिया कांग्रेस.. <<     NEWS : 15 अगस्त को चित्तौड़गढ़ में गूंजेगा.. <<     नीमच के पिपलोन में किसान मोर्चा की भव्य.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 6, 2025, 11:30 am
KHABAR : रक्षाबंधन पर बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग, शुध्द घी, बेसन और ड्रायफ्रुट्स से बन रहे लड्डू, सबसे पहले महाकाल को बंधेगी राखी, पढे़ खबर 

Share On:-

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस साल 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है।


मंगलवार को मंदिर में भट्टी पूजन के बाद लड्डू बनाने का काम शुरू हुआ। यह लड्डू शुद्ध देसी घी, बेसन, शक्कर और ड्रायफ्रूट्स से बनाए जा रहे हैं। भगवान महाकाल को यह प्रसाद रक्षाबंधन के दिन अर्पित किया जाएगा।


सबसे पहले महाकाल को बंधेगी राखी
राखी के पर्व पर सबसे पहले भगवान महाकाल को ही राखी बांधी जाती है। परंपरा के अनुसार हर त्योहार की शुरुआत भगवान महाकाल के दरबार से होती है। सुबह की भस्म आरती के दौरान भगवान को राखी बांधी जाती है।


इस मौके पर नंदी हॉल और गर्भगृह को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जाता है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि भोग के बाद यह लड्डू भक्तों में प्रसाद के रूप में बांटे जाते हैं।


पुजारी परिवार की महिलाएं भगवान के लिए खास राखी बनाती हैं और उन्हें सुबह की आरती में अर्पित करती हैं। यह परंपरा सिर्फ महाकाल मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के अन्य मंदिरों में भी भगवान को राखी बांधने की रस्म निभाई जाती है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE