शाजापुर में एससी एसटी ओबीसी माइनॉरिटी के लोग आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां पर उन्होंने सरकार द्वारा आईएएस संतोष वर्मा द्वारा दिए गए बयान पर उनको बर्खास्त करने का कार्य किया जा रहा है। जिसका उन्होंने विरोध जताया है उन्होंने कहा है कि संतोष वर्मा ने कोई गलत बयान नहीं दिया है लोगों ने उनका बयान को तोड़ मडोड कर पेश किया गया है यदि संतोष वर्मा को सेवा से पृथक किया जाता है या निलंबित किया जाता है तो आने वाले समय में अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा मप्र में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान कलेक्टर कार्यलय का गेट नहीं खोलने पर भीम आर्मी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कड़ी आलोचना की है साथ ही उन्होंने शुजालपुर में गरीब लोगों का आशियाना छीनने का विरोध जताया है एवं विगत दिनो कमलेश जादम की मौत हो गई के मामले में उनके परिजनों ने बीमारी के साथ मिलकर ज्ञापन सौंपा है एवं डॉक्टर के पी शर्मा पर गैर इरादन हत्या का आरोप साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले हैं 10 जनवरी को भोपाल में संतोष वर्मा के समर्थन में आंदोलन किया जाएगा।
मामले सुनील असते ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि संतोष वर्मा जी के समर्थन में हम लोग आज कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन देने के लिए आए हुए हैं लेकिन बहुत ही निंदनीय बात हमारे साथ यह हुई की कलेक्टर के द्वारा दोनों ओर के गेट बंद कर दिए गए जिसके कारण हमें कलेक्टर कार्यालय के बाहर गेट पर बैठना पड़ा ऐसा लगता है कि दलितों से मंदिर के साथ गांव में घोड़ी पर बैठने के साथ साथ अब यहां के प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आईएएस आईपीएस वह भी अब दलितों के साथ ऐसा सलूक करने लगे हैं ऐसा क्या कारण है कि हमारे समाज के लोग जब भी आवाज उठाने आते हैं उनके लिए गेट बंद हो जाते हैं।