खरगोन। ग्राम नागझिरी के ग्रामीणों ने राजस्व शामिल निजी भूमि की खरीदी, बिक्री, रजिस्ट्री एवं नामांतरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि उनकी आस्था से जुड़ी गणगौर विसर्जन तक्षक बावड़ी के नाम से प्रसिद्ध है। प्राचीन समय से ही इसका उपयोग धार्मिक आयोजनों के लिए किया जाता रहा है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष बापू सिंह परिहार, कैलाश जोगीलाल, उमाशंकर, कैलाश आदि के अनुसार, यह 1.9260 हेक्टेयर भूमि लगभग 200 वर्ष पूर्व से पूर्वजों द्वारा शारदीय नवरात्र गरबा विसर्जन और गणगौर पर्व के चार दिवसीय उत्सव मनाने व विसर्जन कार्य के लिए उपयोग की जाती रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि यह भूमि उनकी धार्मिक आस्था का केंद्र है और पूर्व की भांति शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में भी वे अपने पारंपरिक उत्सवो का आयोजन कर सकें।