सरवानिया महाराज। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर बुधवार को सरवानिया महाराज में राणावत राजपूत समाज के नेतृत्व में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर नीमच-सिंगोली रोड स्थित महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर जयंती समारोह का शुभारंभ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग एवं राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर परिषद अध्यक्ष रूपेंद्र सिंह जैन ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि राष्ट्र स्वाभिमान, त्याग और अदम्य साहस के प्रतीक हैं। उनके जीवन मूल्यों और आदर्शों को अपनाकर समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बेहतर निर्वहन किया जा सकता है।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्जुन माली, नगर अध्यक्ष हेमंत पुरोहित, नगर परिषद उपाध्यक्ष रामलाल राठौर, कालूसिंह राणावत, राजेश प्रताप सिंह (टुन्नी बना) राणावत, जितेंद्रसिंह राणावत, अजय प्रताप सिंह राणावत, शिवराजसिंह राणावत, उमेशसिंह राणावत, योगेंद्रसिंह राणावत, लक्ष्मणसिंह राणावत, मयंक प्रतापसिंह राणावत, दीपेंद्रसिंह राणावत, करण प्रतापसिंह राणावत, हर्षवर्धनसिंह राणावत, हर्षदीपसिंह राणावत, विजयपाल सिंह राणावत, रघुवीर सिंह राणावत, भूपेंद्रसिंह राणावत, भेरुसिंह राणावत, कानसिंह राणावत सहित अनेक समाजजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का आभार राजपुरोहित चंद्रनारायण पालीवाल ने व्यक्त किया।
महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ की पावन भूमि पर हुआ था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मातृभूमि, धर्म और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। हल्दीघाटी का युद्ध उनके अद्वितीय पराक्रम और अटूट संकल्प का प्रतीक माना जाता है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की और स्वाभिमान के साथ जीवन व्यतीत किया। उनका जीवन आज भी देशवासियों को राष्ट्रप्रेम, साहस और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता है।