चित्तौड़गढ़। वीर शिरोमणि लोकदेवता श्री कल्लाजी राठौड़ की स्मृति में 21 जून को कल्याण नगरी निम्बाहेड़ा से ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग तक श्री कल्याण पदयात्रा निकाली जाएगी। श्री कल्लाजी वेद पीठ, निम्बाहेड़ा के तत्वावधान में आयोजित यह पदयात्रा पिछले दो दशकों से अधिक समय से निरंतर आयोजित की जा रही है।
श्रीकल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य महेश दीक्षित ने बताया कि पदयात्रा का उद्देश्य युवा पीढ़ी को राष्ट्रधर्म, शौर्य, त्याग और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि वीर कल्लाजी राठौड़ मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा के ऐसे लोकनायक हैं, जिन्होंने धर्म, मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।
प्रो. दीक्षित ने बताया कि पदयात्रा का समापन ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर होगा, जो भारतीय स्वाभिमान, त्याग और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना, इतिहास जागरण और सांस्कृतिक संरक्षण का अभियान है।
यात्रा के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, कर्तव्यबोध, नशामुक्ति, चरित्र निर्माण और सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से पदयात्रा में सहभागी बनने तथा वीर कल्लाजी राठौड़ के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।