खरगोन। जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र धुलकोट में शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं और ग्रामीणों ने बड़ा विरोध दर्ज कराया है। क्षेत्र में देशी, कच्ची और विदेशी शराब की बढ़ती बिक्री से परेशान होकर बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शराब की उपलब्धता के कारण गांव में पारिवारिक कलह, आर्थिक संकट, स्वास्थ्य समस्याएं और आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी वजह से ग्रामीणों ने क्षेत्र में पूर्ण शराबबंदी की मांग की है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण
बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण एकजुट होकर खरगोन कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है और तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
ग्राम पंचायत का प्रस्ताव भी पारित
ग्रामीणों ने बताया कि धुलकोट ग्राम पंचायत में पहले ही इस मुद्दे पर ठहराव प्रस्ताव पारित किया जा चुका है, जिसमें सर्वसम्मति से गांव को शराब मुक्त क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया गया है।
महिलाओं ने जताई चिंता
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि शराब के कारण घरों में तनाव बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अवैध और खुली शराब बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए।
निष्कर्ष
ग्रामीणों के इस आंदोलन ने क्षेत्र में शराब बिक्री और उससे जुड़ी सामाजिक समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान खींचा है। अब आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।