चित्तौड़गढ़। ब्रह्मा कुमारीज के नवदर्शकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित ‘एक हैं हम’ कार्यक्रम में पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाने के लिए उपस्थित लोगों को विभिन्न संकल्प दिलाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को जागृत करना था।
सेवा केंद्र संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि भारत को पुनः आध्यात्मिक विश्व नेतृत्व की ओर अग्रसर करने के लिए युवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित युवाओं एवं नागरिकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि वे भारत के प्राचीन गौरव को पुनः स्थापित करने तथा देश की एकता और अखंडता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
कार्यक्रम में सभी ने संकल्प लिया कि वे माता-पिता एवं वरिष्ठजनों का हृदय से सम्मान करेंगे, विचार, वाणी और व्यवहार में एकरूपता रखेंगे तथा मानवता के प्रति सदैव सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएंगे। उपस्थित सभी लोगों ने इन संकल्पों को अपने दैनिक जीवन में उतारने का दृढ़ निश्चय किया।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप जयंती के संदर्भ में उनके अद्वितीय शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, स्वाभिमान और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। उनके संघर्ष और वीरता की गाथाएं आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा एवं आत्मसम्मान की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय एकता, आध्यात्मिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हुए भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को मजबूत किया। कार्यक्रम का समापन शांति संदेश एवं सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित कर्नाटक से अनिल भाई जी बैंक मैनेजर बालकिशन भाई बेला बहन अनीता बहन रितु बहन गीता बहन मंजू बहन ऐसे अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने कार्यक्रम का लाभ लिया।