मंदसौर। शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में कथित वृद्धि को लेकर बुधवार को नागरिकों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रदर्शन करते हुए स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली की जांच एवं उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले थे। इस दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर पहुंचकर उन्होंने सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले 200 से 300 रुपये आते थे, उनके बिल अब 2,000 से 4,000 रुपये तक पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में 20 हजार रुपये तक के बिल आने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
गुर्जर ने यह भी आरोप लगाया कि विद्युत विभाग द्वारा ठेका कर्मचारियों के माध्यम से कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया और बढ़े हुए बिलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद जारी हुए बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने कथित रूप से बढ़ी हुई राशि वाले बिलों को वापस लेने तथा जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी की।
नागरिकों ने यह भी बताया कि कई उपभोक्ताओं को मोबाइल फोन पर बिजली बिल देखने में कठिनाई हो रही है। ऐसे में पूर्व की तरह कागजी बिजली बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पुनः शुरू किए जाने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान नागरिकों ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था और बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।